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जानिए ट्रैक्टर में कौन सा गियर बॉक्स सबसे अच्छा होता है।

आपके ट्रैक्टर में कौन सा गियरबॉक्स है, कैसे यह आपके Tractor के लिए काम करता है। चलिए जानते है?

ट्रैक्टर इंडस्ट्रीज़ Tractor में उपयोग होने वाले गियरबॉक्स पर काफी ध्यान देती है। Tractor के गियर बॉक्स लगभग तीन प्रकार के आते है।

  1. स्लाइडिंग मेष गियर बॉक्स (Sliding Mesh Gearbox) 

  2. कांस्टेंट मेष गियर बॉक्स (Constant Mesh Gearbox)

  3. सिंक्रोमेष गियर बॉक्स (Synchromesh Gearbox)

तो आज हम Tractor के  इन तीनो गियर बॉक्स के बारे जानेगे और ये देखेंगे कि हमारे ट्रैक्टर के लिए कौन सा गियर बॉक्स सबसे अच्छा रहता है।


स्लाइडिंग मेष गियरबॉक्स (Sliding Mesh Gearbox) - स्लाइडिंग मेष गियर बॉक्स प्रणाली ट्रैक्टर्स में सबसे पुरानी टेक्नॉलोजी है। आज के समय इसे दुनिया में क्रेस गियरबॉक्स (गियर गरारी को तोड़ने वाला) के नाम से भी जाना जाता है। इस गियर बाले ट्रैक्टर आज भी आते है जो बहुत ही कम देखने को मिलता है Example:- Massey 3510 Tractor इसमें आपको आज भी स्लाइडिंग मेष गियर बॉक्स आते है। 

  1. इसमें दो शाफ़्ट होती है। जिसमे से एक स्टीयरिंग से इंगेस (जुड़ा होना) रहती जिसे इनपुट दिया जाता है यानि की गियर बदलने का निर्देश दिया जाता है।

  2. दूसरी शाफ़्ट जिसमे गरारी होती है जिसकी गरारी लगातार घूमती रहती है, यही से गियर बदल के ट्रैक्टर की स्पीड को बढ़या या कम किया जा सकता है।

  3. इस गियर बॉक्स में जब गियर बदलते है तब दोनों शाफ्टों में लगी गरारी के बीच घर्सन होता है।

  4. जब एक गिरारी दूसरी गिरारी के ऊपर चढ़ती है जिससे गियर चेंज होते है। जैसा की आप चित्र में देख पा रहे है

स्लाइडिंग मेष गियरबॉक्स से होने वाले नुकशान:-

  1. इस गियर बॉक्स की गरारी के दाते बहुत टूटते है।  

  2. इसमें गियर बदलने के लिए ट्रैक्टर की स्पीड कम करनी पड़ती है।

  3. इसका  मैंटीनेंस दूसरे गियर बॉक्स से जल्दी आता है। 

  4. अगर आपने स्पीड में गियर चेंज किया तो गियर बॉक्स में गरारी टूटने का डर रहता है।

उदाहरण - जब हम अपने ट्रैक्टर से कोई लोडिंग करके ट्राली लेकर जाते समय रास्ते में कोई चढ़ाई आ जाती है और आपको गियर बदलना है तो आप को ट्रैक्टर की स्पीड कम करके गियर चेंज करना होता है या स्पीड में अगर स्पीड में करेंगे तो आपके गरारी टूटने के चांस रहते है ,और स्लो में करेंगे तो आपका ट्रैक्टर पीछे की तरफ जा सकता है क्यों आपकी ट्राली लोडिंग है। या फिर आप नीचे से ही स्लो स्पीड में पहले या दूसरे गियर में ट्रैक्टर को लेकर चढ़ाई चढ़नी पड़ेगी जिसमे आपका डीजल का खर्चा बाद जाता है।


कांस्टेंट मेष गियरबॉक्स (Constant Mesh Gearbox) - यह गियर बॉक्स प्रणाली ज्यादातर लगभग सारे ट्रैक्टरों में आपको देखने को मिल जाएगी  इसके अंदर सारी की सारी गरारी एक दूसरे से जुड़ी हुए होती है, जिससे इसका नाम कांस्टेंट मेष पड़ा। ये गियर बॉक्स बाले ट्रैक्टर स्लाइडिंग गियर बॉक्स से महगे आते है।   

  1. इसमें सारे के सारे गरारी आपस में कांस्टेंटली जुड़े हुये होते है।

  2. इसमें गियर बदलते समय गरारी आगे पीछे नहीं होती है जिससे घर्सण नहीं होता है जिससे गरारी के दाते टूटने का डर नहीं रहता।

  3. इसमें नया कॉलर मैकेनिज्म दिया गया जिसे कॉलर शिफ़्ट भी कहते है।

  4. इसमें एक कांस्टेंट कूलर शिफ्ट रहता है जो गरारी के ऊपर रहता है जिससे गियर बदलते समय गरारी के दातो में कोई प्रॉब्लम नहीं आती है।

  5. इसमें गियर बदलनते समय कोई प्रॉब्लम नहीं होती है,जैसा आप नीचे फोटो में देख सकते है।    

  6. गियर कभी भी और किसी भी परिस्ति में बदल सकते है।  

  7. इसके गियर बॉक्स में मेंटिनेंस का खर्चा बहुत ही कम आता है।

कांस्टेंट मेष गियरबॉक्स (Constant Mesh Gearbox)

उदाहरण - पुराना महिंद्रा 575 में पहले स्लाइडिंग मेष गियर आते थे जिसमे ट्रैक्टर थोड़ा पुराना होने पर किसानो को सबसे ज्यादा गियर की परेशानी होती थी कही भी गियर फस जाता थे इस परेशानी को देखते हुए कंपनी ने कांस्टेंट मेष (constant mesh gearbox) लेकर आये।  

नोट :-इसमें भी अब नया सुधार करके Partial Constant Mesh Gearbox को लाया है जो लगभग ख़राब होने के या टूटने चांस बहुत ही कम होते है।


सिंक्रोमेष गियरबॉक्स (Synchromesh Gearbox) - सिंक्रोमेष गियर बॉक्स और कांस्टेंट मेष गियर बॉक्स में केवल एक ही अंतर है वो सिंक्रोनाइजर का तो चलिए हम जानते है सिंक्रोनाइजर क्या है इससे क्या क्या फायदे होते है। और आज कल सिंक्रोमेष गियर स्कॉर्पियो और फॉर व्हीलर करो में आते है।  

आज के समय में जितने भी नये और बड़े ट्रैक्टर आते है उन सभी में आज कल सिंक्रोमेष गियर बॉक्स दिए जाते, इस गियरबॉक्स वाले ट्रैक्टर स्लाइडिंग,कांस्टेंट मेष से महंगे आते है।  

  1. इस का गियर बॉक्स लगभग कांस्टेंट मेष गियर बॉक्स की तरह ही है।

  2. इसमें एक सिंक्रोनाइजर गरारी होती है जो हर एक गरारी के साइड में लगी होती है।

  3. इसमें जब गियर बदलते है तो सिंक्रोनाइजर प्लेट driver गियर और driven गियर की स्पीड मैच करता है उसके बाद गियर इंगेज(बदलता है) करता है। 

  4. इस Gearbox प्रणाली में ट्रैक्टर कितना भी स्पीड में हो आप गियर आसानी से बदल सकते है।

  5. इस का गियर बॉक्स बहुत ही रियर कंडीशन में ख़राब होता है। जिसे आप नीचे देख सकते है।

नोट:- हमने आपको सारे गियरबॉक्स के बारे में बताया और अब है आपकी आप बताओ आपके ट्रेक्टर में कौन सा गियरबॉक्स है और कौन सा गियर बॉक्स सबसे अच्छा रहता है हमे कमेंट करके जरूर बताये।

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