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गेहूं की फसल काटने के बाद ऐसे करें भण्डारण, सुरक्षा और देखभाल

    गेहूं की फसल काटने के बाद ऐसे करें भण्डारण, सुरक्षा और देखभाल

रबी की फसल गेहूं पकने के साथ ही किसानों की चिंताये समाप्त नहीं होती बल्कि और भी बढ़ जाती है क्योंकि कटाई के समय फसल झड़ने व पक्षियों व्दारा नुकसान साथ ही उसकी थ्रेशर से गाहनी की समस्या उसके बाद फसल में नमी होने के कारण घरो में रखने के बाद फफूंद लगने की समस्या रहती हैं। दूसरी तरफ जल्दी कटाई से फसल के दानो में नमी अधिक होती हैं। जिससे फसलों की गुड़वक्ता कम होने की सम्भवना हो जाती हैं तो जानते हैं क्या जरुरी और क्या क्या परेशानी आ सकती हैं।

जैसे - समय पर कटाई, उचित मशीनों का प्रयोग, तथा सही जगह फसलों का भण्डारण तथा फसलों को कीटो से बचाना हैं।  लेकिन इसमें सबसे बड़ी समस्या कटाई के बाद उनका प्रबंधन एव भंडारण की जानकारी की कमी का होना।


कटाई - गेहूँ का एक बड़े भाग की कटाई मानव व मशीनों व्दारा की जाती हैं इसके साथ अगर सही समय पर कटाई नहीं की तो फसल काटते समय खेतो में ही झड़ने लगती हैं। व्यकित व्दारा हसिया या दातरी व्दारा की जाती हैं जो जमीं से थोड़ा ऊपर कटाई कर पूरा बाधा जाता हैं। कटाई के उपरांत 5 से 6 दिन तक पूरो को सुखाया जाता हैं। उसके उपरांत थ्रेसर किया जाता हैं जिससे दानो में नमी लगभग ख़त्म हो जाती है और भण्डारण लगभग सुरक्षित हो  जाता है।


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दूसरी ओर इस फसल की कटाई कम्बाइन मशीनों व्दारा करने पर दानो में नमी सूखने का समय नहीं मिल पता हैं  इसके साथ सही समय पर कटाई नहीं की तो फसल काटते समय खेतो में ही झड़ने लगती हैं।

नोट - अगर गेहूँ मज़दूरों द्वारा काटा जाता है तो खेतो में खरना या त्रिपाल बिछाकर गेहू को इकट्ठा करना चाहिए। जिससे गेहूँ ज़मीन पर नहीं झाड़ेगा और आपकी बचत हो जाएगी।

थ्रेशर - गेहू को हमेशा ऐसे थ्रेशर या कटर से थ्रेशर करवाना चाहिए जो गेहू को भूसा में नहीं फेकता हो और नहीं गेहुओ की राशि में गेहू की नाड़ी या कूड़ा करकट नहीं आना चाहिए जिससे आपको गेहूँ को आपको बार बार साफ नहीं करना पड़ेगा। इसलिए थ्रेशर का चुनाव सोच समझकर करे।

भंडारण एव सुरक्षा या देखभाल - गेहूँ की थ्रेशर करने के बाद समस्या आती है गेहूँ को इकट्ठा कहाँ  और किस जगह रखा जाये तो आपको बताने की कोशिश करते है। गेहूँ घर आने के बाद गेहू के दानो में अगर नमी है तो दो या तीन दिन तक सुखाये उसके बाद स्टोर करना है। सतह पर नीचे भूसे की परत बना कर उसके ऊपर त्रपाल बिछाकर  स्टोर करे और भी ढक दे और हर दो महीनों के बाद चेक करते रहना चाहिए।

दूसरी तरफ लोग टाट के बोर में गेहुओ को भरकर गारो या स्टोर में रखा जाता हैं और ज्यादातर किसान अपने उपज का काफी हिस्सा अपने पास बचा कर रखते हैं क्योंकि वो बड़ी मात्रा में अपने पशुओ के खाने के लिए स्टोर करके रखते हैं।

 


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